शिव स्तुति

॥ ॐ ॥

आशुतोष शशाङ्कशेखर,
चन्द्रमौलि चिदम्बरा।
कोटि-कोटि प्रणाम शम्भो,
कोटि नमन दिगम्बरा॥

निर्विकार ओंकार अविनाशी,
तुम ही देवाधिदेव।
जगत्-सर्जक, प्रलयकर्ता,
शिवम् सत्यम् सुन्दरम्॥

निराकार स्वरूप कालेश्वर,
महायोगीश्वर।
दयानिधि दानीश्वर जय,
जटाधर अभयंकर॥

शूलपाणि त्रिशूलधारी,
औघड़ बाघम्बरी।
जय महेश त्रिलोचनाय,
विश्वनाथ विश्वम्भरा॥

नाथ नागेश्वर हरो हर,
पाप, शाप, अभिशाप तम।
महादेव महान भोले,
सदाशिव शिवशङ्करा॥

जगत्पति! अनुरक्ति-भक्ति
सदैव तेरे चरण हों।
क्षमा हो अपराध सब,
जय जयति जगदीश्वरा॥

जनम-जीवन जगत का
सन्ताप-ताप मिटे सभी।
ॐ नमः शिवाय मन
जपता रहे पञ्चाक्षरा॥

आशुतोष शशाङ्कशेखर,
चन्द्रमौलि चिदम्बरा।
कोटि-कोटि प्रणाम शम्भो,
कोटि नमन दिगम्बरा॥

कोटि नमन दिगम्बरा॥

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